[1]
त्रिपाठीय. प. and त्रिपाठीन., “भारतीय ज्ञान परम्परा की दृष्टि से सतत विकास: एक समग्र विमर्‛ा”, had, vol. 21, no. 03, pp. 164-170, Sep. 2026.