उच्च ‛िाक्षारत विद्यार्थियों के बदलते मूल्यों का समाज‛ाास्त्रीय अध्ययन

  • रेनू गुप्ता असि0 प्रो0-समाज‛ाास्त्र विभाग, डी0एस0एन0 पी0जी0कालेज, उन्नाव (उ0प्र0)
Keywords: परम्परागत मूल्य, संरक्षण, उपयोगिता, उत्तरदायितव, वै‛िवक चुनौती, भौतिकवाद, लैंगिक समानता, बौद्धिक मूल्य, उच्च ‛िाक्षा, मूल्य

Abstract

‛िाक्षा व्यक्ति के व्यक्तित्व निर्माण, सामाजिक चेतना तथा जीवन मूल्यों के विकास का प्रमुख आधार रहा है। ‛िाक्षा की प्रथम पाठ‛ााला परिवार होता है जहाँ बच्चे के समाजीकरण का आरम्भ होता है। उच्च ‛िाक्षा केवल ज्ञान और रोजगार प्राप्त करने का साधन नहीं, बल्कि यह व्यक्ति के विचारों दृष्टिकोण, सामाजक व्यवहार एवं सम्बन्धों की दि‛ाा प्रदान करती है। वर्तमान समय में उच्च ‛िाक्षारत छात्र-छात्राओं के मूल्यों में व्यापक परिवर्तन देखा जा सकता है। वै‛वीकरण, नगरीकरण, तकनीकी विकास, आधुनिक संचार तंत्रों, बाजारवाद रोजगार की प्रतिस्पद्र्धा तथा पारिवारिक संरचना की विघटित व्यवस्था ने अब छात्र-छात्राओं की सोंच का तरीका और जीवन-‛ौली को अव‛य ही प्रभावित किया है। नई पीढ़ी जो इण्टरनेट एवं सो‛ालमीडिया से इतना प्रभावित है कि उसे नये टर्म जोन जी (जनरे‛ान पेड) के नाम से ख्याति मिल रही है। नई पीढी अब परम्परागत मूल्यों के साथ-साथ आधुनिक एवं व्यक्तिवादी मूल्यों के विकास में भी अपना समर्थन दिया है।

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Published
2026-09-30
How to Cite
गुप्तार. (2026). उच्च ‛िाक्षारत विद्यार्थियों के बदलते मूल्यों का समाज‛ाास्त्रीय अध्ययन. Humanities and Development, 21(03), 223-226. Retrieved from https://www.humanitiesdevelopment.com/index.php/had/article/view/437