वीकरण और उपभोक्तावादी संस्कृति का समाज‛ाास्त्रीय अध्ययन’
Abstract
वै‛वीकरण वह प्रक्रिया है या वै‛िवक प्रघटना है जिसके माध्यम से सम्पूर्ण वि‛व के दे‛ा सामाजिक, आर्थिक, सांस्कृतिक एवं राजनीतिक रूप से जुडे हैं, वै‛वीकरण पूँजी, श्रम, प्रौद्योगिकी, वस्तु एवं ज्ञान का राष्ट्रीय सीमाओं के आर-पार निर्वाध संचरण है। वै‛वीकरण आर्थिक समृद्धि के उद्दे‛य से मानवता के माध्यम से एकीकरण एवं अन्तक्र्रिया की प्रक्रिया भी कहा जाता है। इसके माध्यम से लोग अपनी सांस्कृतिक पृष्ठभूमि से व्यक्तिगत पहचान बनाते है। यह वैयक्तिक जीवन की ओर उन्मुख कर मुक्त भविष्य के निर्माण की ओर अग्रसर करती है। उपभोकतावादी संस्कृति वह जीवन ॉौली और दर्‛ान है जिसमें सुख, संतुष्टि और सामाजिक प्रतिष्ठा को वस्तुओं तथा सेवाओं के उपयोग से भी जोड़ा जाता है। उपभोक्तावादी संस्कृति के प्रभाव में नैतिक मूल्यों, पारम्परिक रि‛तों के साथ सामाजिक मर्यादा का विना‛ा एवं असमानता में भी वृद्धि हो रही है।
