महाकवि कालिदास की साहित्यिक दृष्टि में आका‛ातत्त्व

  • दिने‛ामणि त्रिपाठी प्रधानाचार्य, एल0पी0के0 इण्टर काॅलेज, बसडीला-सरदारनगर, गोरखपुर (उ0प्र0)
  • दानपति तिवारी प्राचार्य, का0सु0 साकेत पी0जी0 काॅलेज, अयोध्या, (उ0प्र0)

Abstract

महाकवि कालिदास ने अभिज्ञान‛ााकुन्तलम् के नान्दी पाठ मंे अष्टमूर्ति भगवान् ‛िाव की स्तुति की स्तुति करते हुए जिन आठ तत्त्वों के रूप में प्रत्यक्ष रूप से स्थित उनके स्वरूप की विवेचना की है उनमंे से आका‛ा एक प्रमुख तत्त्व है जिसका गुण ॉाब्द है तथा जो सम्पूर्ण संसार को व्याप्त करके प्रत्यक्ष रूप से स्थित है

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Published
2026-09-30
How to Cite
त्रिपाठीद., & तिवारीद. (2026). महाकवि कालिदास की साहित्यिक दृष्टि में आका‛ातत्त्व. Humanities and Development, 21(03), 210-214. Retrieved from https://www.humanitiesdevelopment.com/index.php/had/article/view/434