महाकवि महेश कृत ‘जनरामायन’
Abstract
राम भारतीय संस्कृति के पर्याय एवं मूलाधार हैं। देश के अनेक महान चरित्रों में वे अन्यतम हैं। यहाँ की सनातन संस्कृति ने समय-समय पर उनके चरित्र का रूपायन एवं गायन किया है- ‘हरि अनंत हरि कथा अनंता।’ वे मर्यादा-पुरुषोत्तम के रूप में यहाँ के जन-मन में रमे हुए हैं। राम की जनप्रिय, लोकप्रिय कथा हिन्दी-प्रदेश की विविध उपभाषाओं व बोलियों में ही नहीं अपितु विदेशों में भी लोकप्रिय रही है।
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Published
2021-12-06
How to Cite
पाण्डेयप. (2021). महाकवि महेश कृत ‘जनरामायन’. Humanities and Development, 16(1-2), 129-133. https://doi.org/10.61410/had.v16i1-2.25
Section
Articles
